सुल्तानपुर का इतिहास और राजा नंद कुंवर भर की हत्या

सुल्तानपुर का इतिहास : ऐतिहासिक दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का सुल्तानपुर जिला काफी महत्वपूर्ण जिला माना जाता है। यहां पर मध्यकाल में भरों का शासन हुआ करता था। उन्हीं भर राजवंश में एक राजा हुए जिनका नाम नंदकुंवर भर(राजभर) था जिनकी हत्या का राज इस आर्टिकल में जानेंगे, लेकिन इस राजा की हत्या के पीछे की वजह दो घोड़े के व्यापारी बने थे। ऐसे में क्या कारण था कि दो घोड़े की व्यापारियों की वजह से सुल्तानपुर के राजा भर नंदकुंवर की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद सुल्तानपुर में किस तरह के परिवर्तन देखने को मिले।
घोड़े के व्यापारी की हत्या और भर राजा नंद कुंवर की हत्या का सम्बन्ध
सुल्तानपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि सुल्तानपुर में मध्यकाल में भरो का राजवंश हुआ करता था, क्योंकि सुल्तानपुर पहले कुशपुर (कुशभवनपुर) हुआ था और कुशभवनपुर का राजा नंद कुंवर भर(राजभर) थे। कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी ने ही सुल्तानपुर के भर राजा नंद कुंवर की हत्या कराई थी। इसके पीछे की कारण घोड़े के दो व्यापारी थे जिनका नाम सैय्यद महमूद और सैय्यद अलाउद्दीन था। राजा नंद कुंवर भर(राजभर) ने इन घोड़े के दो व्यापारियों की हत्या करवा दी थी और घोड़े भी छीन लिए थे। यह किरमान के रहने वाले थे व्यापारियों की हत्या की सूचना जब दिल्ली सुल्तान को मिली तो उसने अपनी सेना को बदला लेने के लिए कुश भवनपुर भेजा जिसने करौंदिया के जंगल में गोमती नदी के दूसरे तट पर पड़ाव डाला और वहीं पर महीनो पड़ी रही। अंत में राजा नंद कुंवर भर(राजभर) को धोखे से मार दिया गया और तभी से कुशपुर या कुशभवनपुर का नाम भी बदलकर सुल्तानपुर रख दिया गया।राजपूत के आने के बाद कमजोर हुई सत्ता
स्थानीय लोग बताते हैं कि सुल्तानपुर में मध्यकाल में भरों का शासन हुआ करता था लेकिन भरों की सत्ता राजपूत के आने के बाद कमजोर होती गई। पश्चिम की तरफ से जब राजपूत जाति के लोग यहां पर आए उन्होंने भर शासकों के यहां नौकरी की और सत्ता पर कब्जा कर लिया। सिर्फ राजपूत ही नहीं बल्कि मुगल बादशाहों ने भी भरों पर आक्रमण किया। सुल्तानपुर के इसौली के भर राजा को पराजित करने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने वैस राजपूत को यहां पर भेजा था। अलाउद्दीन खिलजी द्वारा सुल्तानपुर के राजा नंद कुंवर भर(राजभर) की हत्या करना सुल्तानपुर के इतिहास में एक परिवर्तनकारी घटना थी जिसने कुशभवनपुर से इस जिले को सुल्तानपुर कर दिया।
FAQ (Frequently Asked Questions)
1. सुल्तानपुर का पुराना नाम क्या था?
सुल्तानपुर का प्राचीन नाम कुशपुर या कुशभवनपुर था, जो मध्यकाल में भर राजवंश के अधीन था।2. राजा नंद कुंवर भर (राजभर) कौन थे?
राजा नंद कुंवर भर, भर (राजभर) राजवंश के एक प्रमुख शासक थे, जो कुशभवनपुर (वर्तमान सुल्तानपुर) पर शासन करते थे।
3. राजा नंद कुंवर भर की हत्या किसने कराई थी?
ऐतिहासिक कथाओं के अनुसार, अलाउद्दीन खिलजी ने राजा नंद कुंवर भर की हत्या करवाई थी।4. राजा नंद कुंवर भर की हत्या का मुख्य कारण क्या था?
राजा नंद कुंवर भर ने दो घोड़े के व्यापारियों—सैय्यद महमूद और सैय्यद अलाउद्दीन—की हत्या करवा दी थी और उनके घोड़े छीन लिए थे। इसी घटना के बदले के रूप में उनकी हत्या करवाई गई।
5. घोड़े के व्यापारी कौन थे और वे कहाँ के रहने वाले थे?
घोड़े के व्यापारी सैय्यद महमूद और सैय्यद अलाउद्दीन थे, जो किरमान (ईरान क्षेत्र) के निवासी बताए जाते हैं।6. सुल्तानपुर का नाम कब और कैसे पड़ा?
राजा नंद कुंवर भर की हत्या के बाद कुशभवनपुर का नाम बदलकर सुल्तानपुर रखा गया, जो दिल्ली सल्तनत के प्रभाव को दर्शाता है।
7. भर राजवंश का पतन कैसे हुआ?
भर राजवंश की सत्ता धीरे-धीरे कमजोर होती गई, जब पश्चिम से आए राजपूतों ने पहले नौकरी की और बाद में सत्ता पर कब्जा कर लिया। इसके अलावा मुगलों के आक्रमणों ने भी उनकी शक्ति को कम किया।8. क्या राजपूतों का सुल्तानपुर के इतिहास में योगदान रहा है?
हाँ, राजपूतों ने सुल्तानपुर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भर शासकों की सेवा करने के बाद धीरे-धीरे सत्ता अपने हाथ में ले ली।
9. सुल्तानपुर के इतिहास में अलाउद्दीन खिलजी की क्या भूमिका थी?
अलाउद्दीन खिलजी ने राजा नंद कुंवर भर की हत्या कराकर सुल्तानपुर के इतिहास में एक बड़ा परिवर्तन किया और इस क्षेत्र पर अपना प्रभाव स्थापित किया।10. सुल्तानपुर के इतिहास में यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है?
राजा नंद कुंवर भर की हत्या और उसके बाद नाम परिवर्तन की घटना सुल्तानपुर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जाती है, जिसने क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक संरचना को बदल दिया।👉 सुल्तानपुर के राजा नंदकुंवर भर का इतिहास-पढ़ें
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